Kishori Mansik Swasthya Prashikshan 2026

समस्तीपुर में किशोरियों के मानसिक स्वास्थ्य और प्रजनन स्वास्थ्य पर 3 दिवसीय प्रशिक्षक प्रशिक्षण शुरू

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July 28, 2026

सरायरंजन, समस्तीपुर | 28 जुलाई 2026

किशोरियों और महिलाओं के मानसिक स्वास्थ्य तथा प्रजनन स्वास्थ्य एवं अधिकारों को लेकर जागरूकता बढ़ाने के उदेश्य से सरायरंजन प्रखंड में सोमवार को जवाहर ज्योति बाल विकास केंद्र अख्तियारपुर कार्यालय पर तीन दिवसीय ” प्रशिक्षक प्रशिक्षण कार्यशाला” का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का आयोजन जवाहर ज्योति बाल विकास केंद्र, अख्तियारपुर और क्राई चाइल्ड राइट्स एण्ड यू AM के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है।

कार्यशाला का उद्घाटन सरायरंजन प्रखंड प्रमुख वीणा कुमारी और प्रशिक्षक राणू कुमार सिंह के द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। प्रखंड प्रमुख वीणा कुमारी ने कहा कि गांव – गांव तक स्वास्थ्य संबंधी सही जानकारी पहुंचाना बहुत जरूरी है।

समस्तीपुर में "मेंटल हेल्थ और एसआरएचआर"पर 3 दिवसीय प्रशिक्षक प्रशिक्षण शुरू
कार्यशाला का उद्घाटन करते सरायरंजन प्रखंड प्रमुख वीणा कुमारी,प्रशिक्षक राणू कुमार सिंह एवं संस्था कार्यकर्ता

कार्यशाला का फोकस : संकोच तोड़कर बातचीत

कार्यशाला में जवाहर ज्योति बाल विकास केंद्र के 35 कार्यकर्ता और कार्यकारिणी सदस्य ने भाग लिया। पहले दिन का सत्र समुदाय और किशोरी – महिलाओं की स्वास्थ्य समस्याओं, उनके समाधान और व्यवहार पर केंद्रित रहा। प्रशिक्षक राणु कुमार सिंह ने दिन भर इंटरएक्टिव गतिविधियों के माध्यम से प्रतिभागियों को सिखाया कि समुदाय में मेंटल हेल्थ और एसआरएचआर यानी Sexual and Reproductive Health and Rights के मुद्दों पर खुलकर कैसे बात की जाए।

“मेंटल हेल्थ और एसआरएचआर” पर प्रशिक्षण देते प्रशिक्षक राणु कुमार सिंह।

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सरायरंजन के प्रतिनिधि डॉ. राहुल कुमार ने सत्र को संबोधित करते हुए कहा: ” मेंटल हेल्थ और एसआरएचआर” पर बात करते समय लोग लज्जा महसूस करते हैं, लेकिन यह जरूरी नहीं है। मासिक चक्र प्राकृतिक प्रक्रिया है। इस दौरान किशोरियों को घबराना नहीं चाहिए। यह महिलाओं और किशोरियों के अच्छे स्वास्थ्य का प्रतिक है। इस अवधि में साफ़ सफाई और पौष्टिक भोजन पर विशेष ध्यान रखना चाहिए। वहीं प्रशिक्षक राणु कुमार सिंह ने मासिक चक्र से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने के लिए एक जागरूकता विडियो भी दिखाया।

मेंटल हेल्थ और एसआरएचआर” पर सत्र लेते सामुदायक स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टर राहुल कुमार।

मां-बेटी के बीच संवाद जरूरी

प्रशिक्षण राणु कुमार सिंह ने सुझाव दिया कि मासिक चक्र के दौरान माओं को अपनी बेटियों के साथ अपने अनुभव साझा करने चाहिए। इससे किशोरियों में आत्मविश्वास बढ़ेगा और गलत जानकारियों को रोका जा सकेगा। कार्यशाला में मानसिक तनाव, कुपोषण, स्वछता और परामर्श के तरीकों पर भी व्यवहारिक अभ्यास कराए गए।

कौन – कौन शामिल हुए

कार्यशाला में वीणा कुमारी, किरण कुमारी, ललिता कुमारी, विभा कुमारी, प्रेरणा कुमारी, दीप्ती कुमारी, संगीता कुमारी, चंचला कुमारी, पूजा कुमारी, बबिता कुमारी कंचन कुमारी, रुखसाना खातून, माला कुमारी, गायत्री कुमारी, रवि कुमार मिश्रा, पप्पू यादव, अमित कुमार राम, रामप्रीत चौरसिया सहित दर्जनों कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।कार्यक्रम को सफल संचालित करने में बलराम चौरसिया, दिनेश प्रसाद चौरसिया, संदीप कुमार, आशुतोष कुमार मिश्रा, शोभानंद सिंह ने मदद किया। अध्यक्षता गौरीशंकर चौरसिया तथा संचालन रविन्द्र पासवान ने किया। दिनेश प्रसाद चौरसिया ने बताया की ये प्रशिक्षण 30 जुलाई तक चलेगी। आयोजकों का कहना है की प्रशिक्षक कार्यकर्ता आगे चलकर अपने – अपने क्षेत्रों में किशोरियों और महिलाओं के बीच जागरूकता सत्र चलाएंगे।

प्रशिक्षक प्रशिक्षण कार्याशला में उपस्थित संस्था के कार्यकर्ता

जवाहर ज्योति बाल विकास केंद्र( jjbvk) के सामाजिक कार्यकर्ता शोभानंद सिंह ने बताया कि संस्था स्वास्थ्य के अलावा बच्चों की शिक्षा पर भी काम करती है ,सरायरंजन प्रखंड में शिक्षा केंद्र भी निशुल्क चलाए जा रहें है। ये भी पढ़ें

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मेरा नाम प्रमोद कुमार सिन्हा है मुझे न्यूज़ - ऑटोमोबाइल, बिज़नेस, टेक्नोलॉजी, फाइनेंस, मनोरंजन, एजुकेशन और खेल सहित विभिन्न श्रेणियों में लिखना पसंद है

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