समस्तीपुर, 11 मार्च 2026 – सरायरंजन स्थित जवाहर ज्योति बाल विकास केन्द्र अख्तियारपुर द्वारा ग्राम पंचायत राज नौआचक, गंगसारा और रायपुर बुजुर्ग में वार्ड स्तरीय बाल संरक्षण समिति का गठन किया गया। इस अवसर पर आयोजित वार्ड सभा में स्थानीय लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और समिति के सदस्यों का चुनाव किया।
नौआचक पंचायत में समिति का गठन
नौआचक पंचायत के वार्ड संख्या 9 में आयोजित वार्ड सभा में कृष्ण कुमार दास को अध्यक्ष, सीता राम साह को उपाध्यक्ष और आंगनबाड़ी सेविका कामनी कुमारी को सचिव चुना गया। इस अवसर पर शिक्षक फगुनी राम ने बाल विवाह मुक्त समाज बनाने के लिए चर्चा की और लोगों से अपील की कि वे अपने बच्चों को शिक्षित करें और उनका विवाह समय पर करें। उन्होंने कहा कि बाल विवाह बच्चों के भविष्य को खराब कर देता है और उन्हें अपने सपनों को पूरा करने से रोकता है।

शिक्षक फगुनी राम ने आगे कहा कि बाल विवाह के कारण लड़कियों को शिक्षा से वंचित होना पड़ता है और उन्हें घरेलू हिंसा का सामना करना पड़ता है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे बाल विवाह के खिलाफ जागरूक हों और अपने बच्चों को शिक्षित करें।
गंगसारा पंचायत में समिति का गठन
गंगसारा पंचायत के वार्ड संख्या 6 में आयोजित वार्ड सभा में कन्हैया कुमार सहनी को अध्यक्ष, सीता देवी को उपाध्यक्ष और आंगनबाड़ी सेविका प्रेम शीला कुमारी को सचिव चुना गया। इस अवसर पर शिक्षक पप्पू कुमार ने बाल अधिकार पर चर्चा की और कहा कि बालिकाओं को बाल विवाह से बचाने के लिए सबसे उपयुक्त मार्ग उन्हें शिक्षा से जोड़े रखना है।

शिक्षक पप्पू कुमार ने कहा कि बाल अधिकारों का उल्लंघन होने पर बच्चों को न्याय दिलाने के लिए समिति काम करेगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे बाल अधिकारों के बारे में जागरूक हों और बच्चों के अधिकारों की रक्षा करें।
रायपुर बुजुर्ग पंचायत में समिति का गठन
रायपुर बुजुर्ग पंचायत के वार्ड संख्या 12 में आयोजित वार्ड सभा में शिला देवी को अध्यक्ष, श्यामा देवी को उपाध्यक्ष और आंगनबाड़ी सेविका स्वेता कुमारी को सचिव चुना गया। इस अवसर पर शिक्षक ब्रम्हदेव ठाकुर ने कहा कि बाल विवाह मुक्त समाज बनाने के लिए परिवार, समाज और सरकार को मिलकर काम करना होगा।
शिक्षक ब्रम्हदेव ठाकुर ने कहा कि बाल विवाह के कारण बच्चों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है और उनका भविष्य खराब हो जाता है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे बाल विवाह के खिलाफ जागरूक हों और अपने बच्चों को शिक्षित करें।

इन समितियों में स्थानीय आशा कार्यकर्ता, शिक्षक, मीना मंच के सदस्य और अन्य स्थानीय लोगों को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। इस अवसर पर जवाहर ज्योति बाल विकास केन्द्र के सिनियर रिसर्च कंसल्टेंट बलराम चौरसिया, ललिता कुमारी, किरण कुमारी, वीणा कुमारी, दिनेश प्रसाद चौरसिया, गनौर साह, राजकुमार पासवान और रविन्द्र पासवान मौजूद थे। धन्यवाद ज्ञापन विद्यालय शिक्षा समिति सदस्य सुधा देवी ने किया।
इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने कहा कि बाल संरक्षण समिति के गठन से बच्चों के अधिकारों की रक्षा करने में मदद मिलेगी और बाल विवाह जैसी समस्याओं को रोकने में सहायता मिलेगी। उन्होंने कहा कि समिति के सदस्य बच्चों के लिए काम करेंगे और उनकी समस्याओं का समाधान करेंगे।