बाल विवाह मुक्त भारत अभियान: पुसा कृषि मेला में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

बाल विवाह मुक्त भारत अभियान: पुसा कृषि मेला में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

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Written by New Khabarein

March 14, 2026

14 मार्च, 2026 – डॉ. राजेन्द्र प्रसाद केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पुसा परिसर में आयोजित पूसा कृषि मेला, 2026 के अवसर पर बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। स्टॉल संख्या 172 पर आयोजित इस कार्यक्रम में लोगों को बाल विवाह के दुष्परिणाम, बच्चों के अधिकार, और सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जा रही निःशुल्क विधिक सहायता योजनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई।कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में बाल विवाह की कुप्रथा को समाप्त करना और लोगों को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करना था।

बाल विवाह मुक्त भारत अभियान

पैनल अधिवक्ता रेशम ज़ोहैर, कुमारी निर्मला राय और पारा लीगल वॉलिंटियर सुनील कुमार और जवाहर ज्योति बाल विकास केन्द्र, समस्तीपुर की टीम ने इस कार्यक्रम में सक्रिय भागीदारी निभाई। जवाहर ज्योति बाल विकास केंद्र समस्तीपुर से सपोर्ट पर्सन सह पारा लीगल वॉलिंटियर दीप्ति कुमारी, लेखा प्रबंधक पप्पू यादव और एक्सेस टु जस्टिस कार्यक्रम की सामुदायिक सामाजिक कार्यकर्ता विभा कुमारी, काजल राज, ललिता कुमारी, मयंक कुमार सिन्हा, और रवि कुमार मिश्रा उपस्थित रहकर आगंतुकों को बाल यौन शोषण से संरक्षण का अधिनियम, बच्चों का सुरक्षा और संरक्षण, बाल विवाह निषेध अधिनियम, बाल श्रम प्रतिषेध अधिनियम, और निःशुल्क विधिक सहायता से संबंधित जानकारी प्रदान की।मेले में बड़ी संख्या में उपस्थित किसानों, महिलाओं, और युवाओं ने स्टॉल पर आकर जानकारी प्राप्त की और बाल विवाह रोकने के लिए जागरूक रहने का संकल्प लिया। इस अवसर पर लोगों को बताया गया कि बाल विवाह न केवल एक सामाजिक बुराई है, बल्कि यह बच्चों के अधिकारों का भी हनन है। बाल विवाह के कारण बच्चों को शिक्षा, स्वास्थ्य, और विकास के अवसरों से वंचित होना पड़ता है, जिससे उनका भविष्य अंधकारमय हो जाता है।कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को यह भी जानकारी दी गई कि सरकार ने बाल विवाह को रोकने के लिए कई कानून और योजनाएं बनाई हैं।

बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 के तहत लड़कियों की शादी की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और लड़कों की शादी की न्यूनतम आयु 21 वर्ष निर्धारित की गई है। इस अधिनियम के तहत बाल विवाह को अपराध माना गया है और इसके लिए सजा का भी प्रावधान है।इसके अलावा, सरकार ने निःशुल्क विधिक सहायता योजना भी शुरू की है, जिसके तहत गरीब और जरूरतमंद लोगों को मुफ्त में कानूनी सहायता प्रदान की जाती है। इस योजना का उद्देश्य लोगों को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करना और उन्हें न्याय दिलाना है।कार्यक्रम के अंत में, उपस्थित लोगों को बाल विवाह मुक्त भारत अभियान में शामिल होने और समाज में बाल विवाह को रोकने के लिए जागरूकता फैलाने का आग्रह किया गया। इस अवसर पर जवाहर ज्योति बाल विकास केन्द्र की टीम ने लोगों को बाल विवाह के खिलाफ शपथ भी दिलाई।पूसा कृषि मेला, 2026 के अवसर पर आयोजित इस जागरूकता कार्यक्रम ने लोगों को बाल विवाह के दुष्परिणामों और बच्चों के अधिकारों के प्रति जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को बाल विवाह को रोकने और समाज में एक सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए प्रेरित किया गया।

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मेरा नाम प्रमोद कुमार सिन्हा है मुझे न्यूज़ - ऑटोमोबाइल, बिज़नेस, टेक्नोलॉजी, फाइनेंस, मनोरंजन, एजुकेशन और खेल सहित विभिन्न श्रेणियों में लिखना पसंद है

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