समस्तीपुर जिले के अख्तियारपुर स्थित जवाहर ज्योति बाल विकास केन्द्र के तत्वावधान में पांड़ पंचायत में बाल अधिकार, सामाजिक समरसता और बच्चों के संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर एक सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता पांड़ पंचायत की मुखिया देवी ने की, जबकि संचालन प्रखर सामाजिक कार्यकर्ता शिव किशोर सिंह ने किया। इस अवसर पर सामाजिक कार्यकर्ताओं, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही।
सेमिनार का मुख्य उद्देश्य समाज में बच्चों के अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा बाल विवाह और बाल श्रम जैसी सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ सामूहिक प्रयास को मजबूत करना था। कार्यक्रम में वक्ताओं ने बच्चों की शिक्षा, सुरक्षा और उनके समग्र विकास को समाज की प्राथमिक जिम्मेदारी बताते हुए लोगों से सक्रिय भागीदारी की अपील की।

बच्चों के अधिकारों की रक्षा समाज की सामूहिक जिम्मेदारी
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जवाहर ज्योति बाल विकास केन्द्र (JJBVK) के सीनियर रिसर्च कंसल्टेंट रविन्द्र पासवान ने बाल अधिकारों के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि बच्चों के अधिकारों की रक्षा करना केवल किसी एक संस्था या सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने अपने संबोधन में जवाहर ज्योति बाल विकास केन्द्र के इतिहास और उसके सामाजिक कार्यों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि संस्था कई वर्षों से समाज के कमजोर वर्गों, विशेषकर बच्चों के हित में लगातार कार्य कर रही है। शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में संस्था द्वारा चलाए जा रहे जागरूकता कार्यक्रमों का सकारात्मक प्रभाव समाज में देखने को मिल रहा है।
सामाजिक विषमता के खिलाफ एकजुट होने की जरूरत
अवकाश प्राप्त डीएसपी मायाशंकर चौधरी ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में समाज में कुछ लोग सामाजिक विषमता को बढ़ावा देने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि समाज को मजबूत और समृद्ध बनाना है तो जाति, धर्म और वर्ग के भेदभाव से ऊपर उठकर सभी को एकजुट होकर कार्य करना होगा। सामाजिक समरसता ही एक स्वस्थ और प्रगतिशील समाज की पहचान होती है।

सामाजिक कार्यकर्ता सुधीर कुमार ने कहा कि जवाहर ज्योति बाल विकास केन्द्र एक सामाजिक संस्था है, जो लगातार जनहित के कार्यों में सक्रिय है। उन्होंने बताया कि भीषण गर्मी को देखते हुए संस्था द्वारा लोगों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए एक छोटा सा प्रयास किया गया है। डाबर इंडिया कंपनी के सहयोग से जरूरतमंद लोगों के बीच एक-एक किलो ग्लूकोज का वितरण किया जा रहा है। इसके लिए उन्होंने संस्था और सहयोगी संस्थाओं के प्रति आभार व्यक्त किया।
बाल विवाह और बाल श्रम मुक्त गांव बनाने की अपील
कार्यक्रम के संचालक शिव किशोर सिंह ने कहा कि जवाहर ज्योति बाल विकास केन्द्र किसी भी प्रकार की राजनीतिक गतिविधियों से जुड़ी संस्था नहीं है। यह पूरी तरह से एक सामाजिक संगठन है, जो निस्वार्थ भाव से समाज सेवा के कार्यों में संलग्न है। उन्होंने कहा कि संस्था का मुख्य उद्देश्य समाज में जागरूकता फैलाना और जरूरतमंद लोगों तक सहायता पहुंचाना है। यदि समाज के लोग मिलकर सहयोग करें तो बाल विवाह और बाल श्रम जैसी कुरीतियों को समाप्त किया जा सकता है। संस्था के कार्यकारिणी सदस्य रामप्रित चौरसिया ने बताया कि जवाहर ज्योति बाल विकास केन्द्र का मुख्य फोकस बाल अधिकारों के संरक्षण पर है। उन्होंने कहा कि संस्था बच्चों की शिक्षा और सुरक्षा को केंद्र में रखकर विभिन्न कार्यक्रमों का संचालन करती है। उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में अभी भी बाल विवाह और बाल श्रम जैसी समस्याएं मौजूद हैं, जो बच्चों के भविष्य को प्रभावित करती हैं। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से अपील की कि इन कुरीतियों के खिलाफ मिलकर प्रयास करें और बाल विवाह एवं बाल श्रम मुक्त गांव बनाने के लिए सामूहिक अभियान चलाएं।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने यह भी कहा कि बच्चों का बचपन सुरक्षित और खुशहाल होना चाहिए। इसके लिए शिक्षा, पोषण और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं का उपलब्ध होना अत्यंत आवश्यक है। जब तक समाज के सभी वर्ग मिलकर बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रयास नहीं करेंगे, तब तक वास्तविक बदलाव संभव नहीं हो पाएगा।

इस अवसर पर पांड़ पंचायत के उप मुखिया रामनाथ पासवान, श्रवण पंडित, लक्ष्मी महतो, अविनाश रावत, सियाशरण महतो, हरिओम सिंह, बनारसी पासवान, सोनू दास और हर्ष मोहन कुमार सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी ने बाल अधिकारों और सामाजिक जागरूकता से जुड़े मुद्दों पर अपने विचार साझा किए और संस्था के प्रयासों की सराहना की।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर जरूरतमंद लोगों के बीच सहायता सामग्री का वितरण भी किया गया। संस्था द्वारा पचास गरीब लोगों को एक-एक किलो ग्लूकोज दिया गया। इसके अलावा उजियारपुर प्रखंड के बैकुंठपुर ब्रह्मंडा पंचायत के वार्ड संख्या 14 स्थित आंगनबाड़ी केंद्र पर भी सहायता वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहां 50 बच्चों के साथ-साथ 36 परिवारों को एक-एक किलो ग्लूकोज प्रदान किया गया। इस पहल का उद्देश्य गर्मी के मौसम में जरूरतमंद लोगों को थोड़ी राहत प्रदान करना था।
कार्यक्रम के अंत में राजीव कुमार पासवान ने सभी अतिथियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और उपस्थित ग्रामीणों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने कहा कि समाज के सहयोग से ही ऐसे कार्यक्रम सफल हो पाते हैं और भविष्य में भी संस्था इसी तरह समाज सेवा के कार्यों को आगे बढ़ाती रहेगी।