पश्चिमी चंपारण जिले में महिला सशक्तिकरण और लैंगिक समानता को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के उदेश से सोमवार, 22 जून 2026 को ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ अभियान के अंतर्ग्रत दो अलग अलग पंचायतो में जागरूकता संगोष्ठी का आयोजन किया गया। योगापट्टी प्रखंड के बहुवरवा पंचायत तथा सिकटा प्रखंड के वैशखवा पंचायत में आयोजित इन कार्यक्रमों में किशोरियों, महिलाओं और स्थानीय प्रतिनिधियों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। कार्यक्रम का आयोजन महिला एवं बाल विकास निगम, बिहार सरकार के जिला मिशन शक्ति एवं सामाजिक संस्था ‘प्रथम’ के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। जिला समन्वयक अमर सिंह के नेतृत्व में संचालित इस अभियान का जमीनी क्रियान्वयन प्रथम संस्था के समन्वयक सुभम कुमार और राजीव रंजन के द्वारा किया गया. संगोष्टी में शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और कानूनी अधिकारों पर विस्तार से चर्चा की गई।
कार्यक्रम की शुरुआत और मुख्य उदेश्य
संगोष्ठी की शुरुआत जिला मिशन शक्ति के समन्वयक (DMC) श्री अर्जुन कुमार ने किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा की बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ ये केवल नारा नही वल्कि समाज की सोच को बदलने की आंदोलन है। इसका मुख्य उदेश लिंगानुपात में सुधार, बालिकाओं की शिक्षा सुनिश्चित करना और उन्हें हर क्षेत्र में समान अवसर देना है। अर्जुन कुमार ने बाल विवाह के दुष्परिणामों पर जोर देते हुए बताया कि कम उम्र में विवाह न केवल लड़कियों के स्वाश्थ्य को प्रभावित करता है, बल्कि उनकी शिक्षा और आर्थिक आत्मनिर्भरता की संभावनाओं को भी खत्म कर देता है। उन्होंने प्रावधानों का भी जिक्र करते हुए बताया कि बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 के तहत 18 वर्ष से कम उम्र की लड़की और 21 वर्ष से कम उम्र के लड़के का विवाह क़ानूनी अपराध है।
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महिला हेल्पलाइन और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की जानकारी
कार्यक्रम के दौरान प्रथम समन्वयक सुभम कुमार ने प्रतिभागियों को सरकार द्वारा चलाई जा रही बिभिन्न हेल्पलाइन सेवाओं की जानकारी दी गई.इसमें महिला हेल्पलाइन 181, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, घरेलु हिंसा हेल्पलाइन 1091 और पुलिस इमरजेंसी 112 के बारे में विस्तार से बताया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि ये हेल्पलाइन 24×7 काम करती हैं और किसी भी आपात स्थिति में महिलाएं व किशोरियों बिना झिझक इन नंबरों पर संपर्क कर सकती हैं।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना, मुख्यमंत्री बालिका प्रोत्साहन योजना, सुकन्या समृद्धि योजना, किशोरी स्वास्थ्य योजना और पोषण अभियान जैसी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की जानकारी को लोगों के साथ साझा की गया।
किशोर – किशोरियों के अधिकार, शिक्षा और कैरियर पर विशेष सत्र
प्रथम संस्था के समन्वयक राजीव रंजन ने किशोरियों के लिए अलग से संवाद सत्र को नेतृत्चव किया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी कई परिवार लड़कियों की शिक्षा को प्राथमिकता नही देते। शिक्षित लड़की न केवल अपना भविष्य संवारती है, बल्कि दो परिवारों और पूरे समाज को शिक्षित करती है। उन्होंने बताया की 10वीं और 12वीं के बाद उपलब्ध विकल्पों की जानकारी दी। इसमें पॉलिटेक्निक, आईटीआई, नर्सिंह, पैरामेडिकल और कई डिजिटल स्किल कोर्स शामिल थे। उन्होंने बिहार सरकार के ‘कुशल युवा कार्यक्रम’ के बारे में भी बताया जिसके तहत कंप्यूटर, भाषा और संवाद कौशल की ट्रेनिंग मुफ्त दी जाती है।
वहीं सुभम कुमार ने ‘ऑनलाइन सुरक्षा’ विषय पर सत्र लिया।उन्होंने सोशल मिडिया का सुरक्षित उपयोग, पासवर्ड की गोपनीयता, साइबर बुलींग से बचाओ और किसी भी तरह की ऑनलाइन शिकायत को साइबर क्राइम पोर्टल पर दर्ज करने की प्रक्रिया को समझाया। किशोरियों को सलाह दी गई कि वे अनजान लिंक पर क्लिक न करें और अपनी निजी निजी तस्वीरें किसी के साथ साझा न करें।