पूसा, 04 अगस्त 2026 : प्रखंड के कुबौलीराम पंचायत के वार्ड नंबर 01 में पिछले एक महीने से “हर घर नल जल” योजना के तहत पानी की आपूर्ति बंद है। भीषण गर्मी में पीने के पानी की किल्लत से परेशान ग्रामीणों का गुस्सा सोमवार को सड़क पर फूट पड़ा।शहीद-ए-आजम भगत सिंह अंबेडकर विचार मंच, पंचायत कमिटी कुबौलीराम के बैनर तले सैकड़ों ग्रामीणों ने नल-जल स्थल से प्रतिरोध मार्च निकाला। मार्च का नेतृत्व कॉमरेड दिनेश कुमार सिंह ने किया। मार्च विभिन्न मार्गों से होते हुए मुख्य सड़क के किनारे पहुंचकर सभा में बदल गया।
क्या कहा गया सभा में
सभा को संबोधित करते हुए मंच के जिला संयोजक कॉमरेड राम कुमार ने प्रशासन पर उदासीनता का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “भीषण गर्मी में भी नल-जल योजना बंद होना सीधे तौर पर प्रशासन की लापरवाही दिखाता है। ग्रामीणों को मजबूरन दूर से पानी लाना पड़ रहा है। अगर अगले 7 दिनों के अंदर हर घर में जलापूर्ति शुरू नहीं की गई, तो संगठन 11 अगस्त 2026 से पूसा रोड स्थित खुदीराम बोस प्रतिमा स्थल परिसर में महाधरना शुरू करेगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।”मजदूर नेता मुंशी लाल राय ने कहा कि योजना का उद्देश्य हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाना था, लेकिन रखरखाव और निगरानी के अभाव में योजना कागजों तक सीमित रह गई है।

ग्रामीणों की मुख्य मांगें
- 24 घंटे के अंदर बंद पड़े नल-जल की तकनीकी खराबी ठीक की जाए।
- वैकल्पिक रूप से टैंकर से पानी की आपूर्ति की जाए।
- योजना के संचालन के लिए पंचायत स्तर पर जवाबदेही तय की जाए।
पृष्ठभूमि
बिहार सरकार की “नल जल योजना” के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर नल से पानी पहुंचाने का लक्ष्य है। कुबौलीराम पंचायत में भी योजना के तहत पाइपलाइन और चापाकल लगाए गए थे। स्थानीय लोगों का कहना है कि मोटर और पाइपलाइन में खराबी के कारण एक महीने से आपूर्ति ठप है और शिकायत के बाद भी कोई मरम्मत नहीं हुई।
आंदोलन में शामिल लोग
सभा को कृष्ण कुमार, उमेश गुप्ता, दिनेश कुमार सिंह, राम प्रताप सिंह, रामनाथ सिंह, आयुष कुमार साह, अरविंद कुमार, विशाल कुमार, रुबी देवी, मोनिका देवी, प्रमिला देवी, आरती देवी, पूजा कुमारी, सचिन कुमार, रीता देवी, गीता देवी, धर्मशीला देवी, मालती देवी, गंगा महतो, विनोद राम, वीरेंद्र सिंह, अजय सिंह, जामुन साह, शंकर साह सहित सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने संबोधित किया।
फिलहाल प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। ग्रामीणों ने कहा है कि यदि 7 दिनों में समस्या का समाधान नहीं हुआ तो 11 अगस्त से शुरू होने वाले महाधरना में आसपास के पंचायतों के लोग भी शामिल होंगे।
नोट: यह रिपोर्ट मौके पर मौजूद कार्यकर्ताओं और सभा में दिए गए बयानों के आधार पर तैयार की गई है। योजना की वर्तमान स्थिति और मरम्मत की समयसीमा को लेकर संबंधित विभाग से संपर्क का प्रयास किया जा रहा है।